Biography  |  Smt. Nisha Suman Jain (Industrialist and Socialist)


गरिमामय, प्रभावशाली, बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी, सौम्य, मृदुभाषी, व्यवहार कुशल, परोपकारी, धर्मपारायण प्रवृति की श्रीमती निशा सुमन जैन आज मारवाड़ी समाज की अग्रणी महिलाओं में एक है। बहुत ही कम समय में अपनी अलग पहचान बनाने वाली श्रीमती निशा सुमन जैन का जन्म 26 जून 1966 में प्रसिद्ध समाजसेवी व व्यवसायी श्री राधेश्याम झूनझूनवाला के यहाँ हुआ। उन्होंने एन.एम. कॉलेज, मुम्बई से बी.कॉम तक शिक्षा ग्रहण किया। बचपन से अपने पिताजी को समाजिक कार्यों करते हुए देखती थी, जिनका उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और उनका रूझान समाज सेवा की ओर हुआ।

शिक्षा पूरी होने के पाश्चात उनका विवाह राजस्थान के फतेहपुर के मूल निवासी स्व. श्री गोविंद जैन तथा श्रीमती रमाबाई जैन के पुत्र श्री सुमन जैन के साथ हुआ। स्व. श्री गोविंद जैन ‘गोरेगांव स्पोटर्स क्लब, मुम्बई’ के उपाध्यक्ष थे। वह सामाजिक तथा धार्मिक कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते थे। निशाजी के पति श्री सुमन जैन भी काफी परोपकारी, धार्मिक एवं दयालु प्रवृति के है। विवाह के उपरांत पति श्री सुमन जैन के सहयोग तथा प्रोत्साहन से निशाजी के सामाजिक कार्यों का दायरा बढ़ता गया। आज वह शैक्षणिक, धार्मिक, धर्मदा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न तरह के सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है। उनके दो संतान है, पुत्री अंकिता एम.बी.ए. तथा पुत्र यश बी.बीए. कर चुके है।

निशाजी एवं उनके पति श्री सुमन जैन इलेक्ट्रीकल, भवन निर्माण, शेयर बाजार तथा फिल्म के व्यवसाय से संबद्ध है। वह इन व्यवसाय से संबद्ध ‘जैनसन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज’, ‘स्मार्ट प्रॉफिट फाइनेंसियल कंसल्टेंसी’ (स्टॉक एण्ड डेरिवेटिव्स), ‘बिल्ट टू लास्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि.’ तथा ‘निशा सुमन जैन प्रोडक्शंस’ के डायरेक्टर है। समाजसेवा में तन-मन-धन से तल्लीन निशाजी सामाजिक कार्यों को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती है। ‘निशा-सुमन जैन फांउडेशन’ की अध्यक्ष है। वह ट्रस्टी के बतौर ‘परमार्थ सेवा समिति’, ‘श्रीहरि सत्संग समिति’ तथा ‘बृज विकास ट्रस्ट’ से संबद्ध है। ‘राजस्थानी महिला मंडल’ की संरक्षक है। ‘इस्कॉन’ के कमिटी मेंबर की सम्मानिय सदस्या भी है। महिला सामाजिक संस्था ‘मानसी’ तथा ‘अर्चना ट्रस्ट’ के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन कर रही है। अपंगो की सेवा को समर्पित उदयपुर की संस्था ‘श्री नारायण सेवा संस्थान’ की भी ट्रस्टी है।

सामाजिक कार्यों में अग्रनी जैन दंपती ने लोनावाला से 22 कि.मी दूर पुणे की ओर स्थित 3000 आबादी वाले चिखलसे नामक गाँव के जीर्णोंद्धार का बीड़ा उठाया है। पढ़रपुर की यात्रा पर जाने वाले विठ्ठल-रुक्मिणी के भक्तों तथा ग्रामवासियों के सामाजिक कार्यों के लिए तीन हजार स्क. फुट का विश्रामगृह तथा हॉल का निर्माण, हनुमान, गणपति तथा कालभैरव के मंदिरों का निर्माण और गांव के जरुरतमंद लोगों को गाय देने का संकल्प तथा 7वीं तक की पाठशाला को 10वीं तक करने का बीड़ा भी जैन दंपती ने उठाया है। गांववालों के टूटे-फूटे घरों की मरम्मत तथा बच्चों और बुजुर्गों के लिए बाग-बगीचों का निर्माण भी करवा रहे है। गांव के प्रत्येक घर मं पीनें का स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए भी जैन दंपती प्रयासरत हैं। उन्होंने यहाँ के लोगों को स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवायी है। गाँव की महिलाओं तथा बच्चों के लिए रोजगार परक शिक्षा का प्रचार करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयत्न भी कर रहें हैं। स्थानीय लोगों को कृषि के क्षेत्र में बायोफर्टलाइजर, ऑर्गेंनिक खेती और वाटर हार्वेस्टिंग की शिक्षा प्रदान करने की व्यवस्था भी करवायी है।

‘वनबंधू परिषद’ की ओर से आदिवासी क्षेत्रों में चलाये जा रहे 31 स्कूलों का जिम्मा निशाजी ने लिया है। वहां पढ़ने वाले गरीब-अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मुहैया करवा रहीं है। लड़कियों का शिक्षा स्तर ऊंचा करने तथा उन्हें शिक्षा मुहैया कराने के लिए भी निशाजी कार्य कर रहीं है। उन्होंने ‘वात्सल्य धाम, वृदावन’ में लड़कियों के लिए एक हॉस्टल का निर्माण करवाकर दान दिया है। अंधेरी पश्चिम, मुम्बई में सी.ए. की पढ़ाई कर रहे छात्रों के हॉस्टल ‘राजस्थानी विद्यार्थी गृह’ में एक ऑडिटोरियम का निर्माण करवाया है, जिसका नामकरण उनके ससुर स्व. श्री गोविंद प्रसाद जैन के नाम पर किया गया है। गोरेगांव मुम्बई में निर्मित ‘योगा निकेतन’ की वह मुख्य दानदाता है।

गैर सरकारी संस्थाओं (एन.जी.ओ.) की समाज में भूमिका बढ़ाने की दिशा में भी निशाजी सक्रिय है। जल-संवर्धन के लिए छोटे-छोटे बाँधों तथा जल संग्रह केन्द्रों का निर्माण करना तथा सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता बनायें रखने के लिए शौचालयों का निर्माण करवाना भी उनकी महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। वह समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, आँखों की जांच तथा मोतियाबिंद के ऑपरेशन के शिविर भी आयोजित करती रहती है। इसके अलावा जरूरतमंदों का इलाज करवाने, आदिवासियों के स्कूलों का संचालन तथा गरीब बच्चों को स्कूल की फीस देने का कार्य भी जैन दंपती अपने जीवन का अभिन्न अंग बना चुके है। मलाड़ (पश्चिम) में स्थित ‘श्री राणी सती सेवा संघ’ में पैथोलॉजी का संचालन भी कर रहें है, जिसका लाभ हजारों जरूरतमंद मरीज उठा रहें है। ‘मानव सेवा संघ’ की ओर से संचालित स्कूल में बच्चों को शीतल जल मुहैया कराने के लिए प्याऊ का निर्माण करवाया है।

निशाजी और उनके पति श्री सुमन जैन ने 1 से 9 मई 2010 तक मुम्बई में संपन्न 21 लाख रूद्राक्ष से निर्मित महाशिवलिंग के महाभिषेक के मुख्य यजमान की भूमिका निभायी थी। ‘बृज विकास ट्रस्ट’ की ओर से मथुरा के 84 कोस में जारी विविध मंदिरों, कुण्डों और तीर्थों के जीर्णोंद्धार योजना में निशाजी नें प्रेमसरोवर (राधा-कृष्ण के प्रथम मिलन का साक्षी कुण्ड़) के जीर्णोंद्धार की जिम्मेवारी लेकर उसका जीर्णोद्धार करवाया था, जिसका लोकार्पण 18 सिंतबर 2010 को परम पू. कार्ष्णि संत श्री गुरूशरणानंदजी महाराज तथा परम पू. संत श्री रमेश भाई ओझा के कर कमलों से सम्पन्न हुआ। 16 से 20 अप्रैल 2011 को ऋषिकेश, हरिद्वार में ‘परमार्थ सेवा समिति’ की ओर से सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ के साथ-साथ गंगा घाट में हनुमान जयंति के पावन अवसर पर हनुमानजी की 25 फूट ऊंची मूर्ति की स्थापना करवायी गयी थी, जो आज यहां आने वाले सभी पर्यटक व भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है। इस अवसर पर यहाँ सवा लाख रुद्राक्ष से शिवलिंग का निर्माण किया गया। इन सभी आयोजनों की मुख्य यजमान श्रीमती निशा सुमन जैन थी। उन्होंने साई बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मालिक एक’ का निर्माण कर साई भक्तों को अनुपम सौगात दी, जिसमें जैकी श्रॉफ प्रमुख भूमिका में थे। इसका संगीत प्रसिद्ध भजन गायक अनुप जलोटा ने दिया था। इसके निर्माता-निर्देशक दीपक बलराज और किशोरी शाहने विज थे।

समाजसेवा में उल्लेखनीय निःस्वार्थ कार्यों के लिए निशाजी को साध्वी ऋतंभरा दीदी माँ के हाथों उन्हें ‘मातृ शक्ति ऑफ मुम्बई’ सम्मान प्राप्त हो चुक है। लायंस क्लब ऑफ मुम्बई की ओर से उन्हें ‘लायंस फेवरिट सोशल वूमन’ एवार्ड से नवाजा गया। पंजाब केसरी समाचार पत्र की ओर से प्रदत्त ‘इंडियास वूमेन आइकॉन’ सम्मान वह भाजपा नेत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के हाथों ग्रहण कर चुकी है। रोटरी क्लब ऑफ मुम्बई नार्थ ईस्ट की ओर से उन्हें ‘वोकेशनल एक्सीलेंस एवार्ड’ प्रदान कर विभूषित किया जा चुका है। वर्ष 2011 में वूमेंस डे के अवसर पर उन्हें मुम्बई की मेयर श्रद्धा जाधव के हाथों प्रतिष्ठित ‘मेयर एवार्ड’ प्राप्त हो चुका है। सियाराम्स के मालिक धराप्रसादजी पोद्दार के हाथों ‘राजस्थानी रत्न एवार्ड’ तथा हीरा मानेक की ओर से ‘समाज रत्न एवार्ड’ प्राप्त हुआ है। समाजिक संस्था मानसी की ओर से 21 जून 2010 को ‘मानसी जेम्स एवार्ड’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। 24 जून 2011 को हिंदी के प्रसिद्ध समाचार पत्र नवभारत टाइम्स द्वारा ‘उडान’ सम्मान प्राप्त हुआ।