Biography  |  Shri Kishor Khabiya Jain (CMD, Khabiya Group)


शुन्य से शुरूआत कर आज व्यवसायिक तथा सामाजसेवा के क्षेत्र में शिखर पर विराजमान खाबिया ग्रुप के चेयरमैन श्री किशोरजी खाबिया का जन्म उतरी महाराष्ट्र स्थित जलगांव की भडगांव तहसील के एक छोटे से गांव गुढ़े में हुआ। छः भाईयों में यह सबसे बड़े है। इनके पिता जी श्री मदनलालजी खाबिया तथा माताजी गुलाबबाई खाबिया एक मध्यम परिवार से थे। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के पाश्चात् भी इन्होंने मेहनत कर बी.कॉम., एल.एल.बी. तथा इंटर सी.ए. की शिक्षा हासिल किया। आगे की शिक्षा समाप्त कर बेहतर भविष्य के सपनों के साथ ये मुम्बई आ गये।

मुम्बई आकर इन्होंने जॉब शुरू किया। हलांकि इन्हें 9 से 5 का यह जॉब कभी भी पसंद नही था। 1990 में हरसूद निवासी प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतनचंद सांड की पुत्री डॉ. उषा जैन (एम.डी., डी.सी.पी., ए.एफ.आई.एच.) के साथ शादी हुई। इनकी पत्नी डॉ. उषा जैन की प्रैक्टिस मुम्बई में अच्छी तरह चल निकलने पर इन्होंने जॉब छोड़कर मेड़िकल डायगनॉस्टिक सेंटर की शुरूआत की। छोटी सी पूंजी से शुरू किया गया यह मेड़िकल डायगनॉस्टिक सेंटर का व्यवसाय, इनकी सुझबूझ, मेहनत तथा लगन के कारण चल निकला। इसकी जैन मेड़िकल सेंटर (जोगेश्वरी) के बाद में उन्होंने मुम्बई डायगनॉस्टिक सेंटर (कुर्ला) तथा नवी-मुम्बई डायगनॉस्टिक सेंटर (वाशी) में शाखा खोलकर कार्य का विस्तार किया। इसके बाद इन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। इस कार्य में इनके पांच भाईयों प्रवीण खाबिया, नितिन खाबिया, किरण खाबिया, सुनिल खाबिया एवं सुधीर खाबिया का भरपूर साथ व सहयोग रहा है। इनकी इस सफलता में मां-पिताजी के आशीर्वाद तथा भाईयों के साथ इनकी धर्मपत्नी डॉ. उषा खाबिया का विशेष योगदान रहा है।

किशोरजी ने 1991 में खाबिया ग्रुप का गठन किया। इसके बाद खाबिया ग्रुप ने लैंड बैंक, बिल्डर्स एंड डेव्हलपर्स, इम्पोर्ट्स एवं एक्स्पोर्ट्स, ओवरसीज रिक्रूटमेंट, पैकेजिंग, प्रिंट मीडिया आदि व्यवसाय के क्षेत्र में भी कदम रखा। वर्तमान में देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में खाबिया ग्रुप की अपनी एक अलग पहचान है। महाराष्ट्र के सबसे बड़े ‘लैंड बैंक ऑनर’ होने के साथ ही, खाबिया ग्रुप ने पूरे महाराष्ट्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत अब तक 20,000 से अधिक घरों का निर्माण किया है। ये सभी निर्माण कार्य मजबूती के साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त है।

इस कंपनी के पास जमीन अधिग्रहण, विकास तथा विक्रय का व्यापक अनुभव है। यह कार्य आसान नहीं है। पुरे महाराष्ट्र में जमीन के साथ अनेक तरह की समस्याएं एवं विवाद जुड़े हुए हैं। आदिवासी जमीन, खेती की जमीन, अदला-बदली, लीज, आपसी विवाद, दूसरे द्वारा कब्जा किया जाना, कागजात गुम हो जाना आदि अनेक विवाद इनके साथ जुड़े होते है। कभी-कभी राजनैतिक व प्रशासनिक हस्तक्षेप भी इसके विकास के आड़े आ जाती है। इन सबसे निपटना आसान काम नहीं है। हलांकि, इससे निपटने के लिये खाबिया ग्रुप के पास कुशल टीम की व्यवस्था है, जो सभी तरह के विवादों को निपटाकर समस्या का समाधान निकाल ही लेती है। आज यही कारण है कि महाराष्ट्र के सबसे बड़े ‘लैंड बैंक ऑनर’ होने का गौरव इसे प्राप्त है। इनके नेतृत्व में खाबीया ग्रुप शीघ्र ही टेकनोलोजी, ऊर्जा व इंफ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट के क्षेत्र में कदम रखने वाली है। डी.एम.आई.सी. से संबद्धित परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। कम्पनी की खाली पड़ी जमीन पर सोलर एनर्जी तथा पवन ऊर्जा का विकास कार्य किया जाएगा।

आधुनिक युग में जहां पर अधिकतर लोग एकल परिवार अर्थात पत्नी और बच्चों तक अपने दायित्वों को सीमित कर लेते है, ऐसे में इनका पुरा परिवार आज भी भारतीय परंपरा को कायम रखते हुए संयुक्त परिवार की परंपरा को कायम रखे हुआ है, जो कि भारतीय संस्कृति का सुखद अनुभव देता है। पूरा परिवार उच्च शिक्षित होनें के साथ ही एक ही छत के नीचे प्रेम-पुर्वक रहते आ रहें हैं। मानवता के लिए तन-मन-धन से समर्पित इनका यह परिवार प्रत्येक धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों में भी सदैव अग्रणी रहता है। माता-पिताजी से मिली प्रेरणा सदैव इन्हें व्यवसाय से समय निकालकर समाजसेवा तथा धार्मिक आयोजनों के अग्रीम पंक्ति में ला खड़ा करता है।

इन्होंने जैन समाज के विकास में भी अपना भरपूर योगदान किया है। समाज को संगठित तथा सर्वांगीण विकास करने हेतु सभी जैन व्यपारियों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। समाज के प्रमुख लोगों ने साथ मिलकर जैन समाज के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यवसायिक संगठन ‘जैन इंटरनेशनल ट्रेड़ आर्गनाईजेशन’ (जीतो) की स्थापना की। किशोरजी ने संस्थापक मुख्य संरक्षणक के रूप में अपना भरपूर सहयोग व योगदान दिया। लोगों, खासकर युवाओं को संकुचित विचारों से बाहर निकालकर खुली आंखों से स्वप्न देखने तथा उसे पूरा कर के दिखना का प्रयास किया। इससे न सिर्फ समाज एकजूट हुआ, संगठन में काम करने से समाज की अपनी एक अलग पहचान बनी। आज ‘जीतो’ समाज के विकास के साथ देश के विकास में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है। युवाओं को रोजगार, गरीब कन्याओं के विवाह, व्यापारियों के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोमिनार आदि अनेक समाजिक व धार्मिक आयोजनों का सुचारू रूप से संचालन कर रहा है।

सामाजिक व धार्मिक कार्यो के प्रति इनके समर्पण को देखते हुए अनेक संस्थाओ व संगठनों ने अपने कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व इन्हें सौंपा। ‘ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस, नई दिल्ली’ के पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष तथा संगठनमंत्री के रूप में किशोरजी ने अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वाह किया। आचार्य प.पू. आत्मारामजी म.सा. के स्वर्गारोहण की अर्ध शताब्दी के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने हेतु उनकी जन्मभूमि राहों से कर्मभूमि लुधियाना तक आत्मआनंद नमन यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। महाराष्ट्र से 1100 से अधिक यात्रियों को इसमें भाग लेने हेतु एक विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई थी। इस विशेष ट्रेन को खाबिया परिवार के द्वारा हरी झंडी दिखाकर नाशिक से रवाना किया गया, जो कि स्थानकवासी जैन समाज की एकता के लिए सराहनीय कार्य था। वर्तमान में ओसवाल युवा फाउंडेशन के अध्यक्ष, ओसवाल उत्कर्ष मंडल के आजीवन सदस्य, भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष, सद्भावना सेवा समिति के अध्यक्ष, अंधेरी मित्र मंडल के मंत्री, खाबिया लालवानी परिवार सेवा समिति के महामंत्री सहित अनेक संगठनों के साथ जुड़कर कार्य कर रहें है।

सामाजिक व धार्मिक कार्यों के साथ ही इन्होंने खेल के विकास में अपना अहम् योगदान किया है। नाशिक में लोकमत ग्रुप के साथ मिलकर क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष ‘नाशिक प्रीमियर लीग 20-20 क्रिकेट प्रतियोगिता’ के आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस प्रतियोगिता को स्थानीय लोगों का बहुत ही अच्छा प्रतिसाद मिला। इसके बाद इन्होने ‘एन.ए.बी. (नैब)’ के साथ मिलकर नाशिक में पहली बार अंधबंधुओं के लिए भी क्रिकेट मैच का आयोजन किया। इन प्रतियोगिताओं के यश से प्रेरित होकर उन्होंने ‘खाबिया क्रिकेट व स्पोर्ट अकादमी’ की स्थापना करने की प्रेरणा मिली। उसके माध्यम से नाशिक में प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है।

इनके अच्छे कार्यों के कारण भारत की पूर्व राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटील, उप-राष्ट्रपति स्व. श्री भैरव सिंह शेखावत तथा गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित अनेक प्रमुख व्यक्तियों को हाथों सम्मान व प्रशंसापत्र से सम्मानित किया गया है।